वही परिदृश्य निरंतर रूपांतरण में चारों ऋतुओं से गुज़रता है। वसंत: चेरी खिलती है, गुलाबी पंखुड़ियाँ गिरती हैं। ग्रीष्म: घने हरे पत्ते, तीखी धूप। शरद: सोना और आग-लाल आपस में गुँथते हैं। शीत: बर्फ़ की चादर, चमकते बर्फ़ के क्रिस्टल। हर ऋतु पिछली से स्वाभाविक रूप से उगती है। कैमरा: स्थिर स्थिति, ऋतुएँ आँखों के सामने बदलती हैं। प्रकाश: मौसमी रोशनी का बदलाव। शैली: प्राकृतिक चक्र की सुंदरता। अवधि: 15 सेकंड।