1960 के दशक की पोर्श 356 दशकों की गैराज धूल से बाहर निकलती है। मैकेनिक के हाथ घुमावदार फेंडर को पॉलिश करते हैं, तरल पारे जैसा चमकता क्रोम उजागर करते हैं। इंजन कवर खुलता है और पूरी तरह बहाल फ्लैट-फोर इंजन दिखता है। सूरज की रोशनी बॉडी की सुंदर वक्रताएँ उकेरती है। कैमरा: धूल के क्लोज़-अप से शुरू होकर बहाल चमकती बॉडी पर धीरे-धीरे घूमता है। प्रकाश: गैराज में सूरज की एक किरण। शैली: बहाली डॉक्यूमेंट्री की कथा-चाप। अवधि: 12 सेकंड।